व्हाट्सएप पर NO लिखते ही खाली हो जाएंगे अकाउंट से पैसे? जान लें ये अलर्ट

Adarsh Jha
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉमAdarsh Jha
Wed, 14 Oct 2026 02:13 PM IST
व्हाट्सएप पर NO लिखते ही खाली हो जाएंगे अकाउंट से पैसे? जान लें ये अलर्ट

    व्हाट्सएप पर एक मैसेज आता है, लिखा होता है कि आपके बैंक खाते से पैसे कट गए हैं। नीचे लिखा होता है, अगर आपने यह ट्रांजैक्शन नहीं किया, तो तुरंत ‘NO’ लिखकर जवाब दें। अब अचानक खाते से पैसे कटने की खबर मिले, तो जाहिर है कोई भी घबरा जाएगा। लेकिन साइबर ठग इसी घबराहट का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, सिर्फ ‘NO’ लिखने से फोन हैक हो जाने का दावा तकनीकी रूप से साबित नहीं है, लेकिन अनजान नंबर से आए ऐसे मैसेज को नजरअंदाज करना भी जोखिम भरा हो सकता है। हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर ने इस तरह के कथित व्हाट्सएप बैंकिंग स्कैम को लेकर लोगों को सतर्क किया है। ऐसे में सवाल है कि यह ठगी कैसे काम करती है, इसकी पहचान कैसे करें और अगर आपके पास ऐसा मैसेज आए, तो आपको क्या करना चाहिए?

    दरअसल, आज के दौर में व्हाट्सएप सिर्फ बातचीत का माध्यम नहीं रह गया है। लोग इसके जरिए बैंकिंग से जुड़ी जानकारियां, दस्तावेज और जरूरी संदेश भी साझा करते हैं। साइबर अपराधी इसी भरोसे और लोगों की जल्दबाजी का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।

    इस कथित स्कैम में किसी अनजान, कई बार विदेशी नंबर से व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा जाता है। इसमें दावा किया जाता है कि आपके बैंक खाते से कोई रकम कट गई है। इसके बाद कहा जाता है कि अगर आपने यह ट्रांजैक्शन नहीं किया है, तो तुरंत ‘NO’ लिखकर जवाब दें।

    अचानक बैंक खाते से पैसे कटने की बात पढ़कर व्यक्ति घबरा सकता है और बिना जांच किए प्रतिक्रिया दे सकता है। डिजिट की रिपोर्ट के मुताबिक, हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर ने ऐसे कथित स्कैम को लेकर चेतावनी दी है और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ लाखों रुपये की ठगी का भी जिक्र किया है।

    लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल है कि क्या व्हाट्सएप पर सिर्फ ‘NO’ लिखकर भेजने से आपका फोन हैक हो सकता है?

    इस दावे को समझना जरूरी है। किसी मैसेज का जवाब देना और फोन में मैलवेयर का अपने आप इंस्टॉल हो जाना, दोनों अलग-अलग तकनीकी प्रक्रियाएं हैं। उपलब्ध जानकारी से यह साबित नहीं होता कि केवल ‘NO’ लिखकर भेजने से ही फोन हैक हो जाता है या बैंक खाते से पैसे निकल जाते हैं।

    हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि ऐसे मैसेज सुरक्षित हैं। साइबर अपराधी लोगों को फर्जी लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध फाइल डाउनलोड करने या संवेदनशील जानकारी साझा करने के लिए उकसा सकते हैं। इसलिए अनजान नंबर से आए बैंकिंग अलर्ट पर भरोसा करने के बजाय उसकी पुष्टि करना जरूरी है।

    वहीं, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र यानी आई4सी ने भी व्हाट्सएप, एसएमएस और ईमेल के जरिए संदिग्ध फाइलें भेजकर किए जाने वाले साइबर हमलों को लेकर चेतावनी दी है।

    गृह मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, साइबर ठग Statement of Account.zip, RBI.zip या MCA.zip जैसे नामों वाली फाइलें भेज सकते हैं। ये फाइलें देखने में बैंक स्टेटमेंट या सरकारी दस्तावेज जैसी लग सकती हैं, लेकिन इनके भीतर नुकसान पहुंचाने वाली EXE और DLL फाइलें हो सकती हैं।

    अगर कोई व्यक्ति ऐसी संदिग्ध फाइल डाउनलोड करके उसके भीतर मौजूद प्रोग्राम को चला देता है, तो विंडोज कंप्यूटर में मैलवेयर इंस्टॉल होने का खतरा रहता है। इसके जरिए डिवाइस और व्हाट्सएप वेब से जुड़े अकाउंट का गलत इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

    यानी बैंकिंग मैसेज के नाम पर डर पैदा करना और संदिग्ध फाइलों के जरिए डिवाइस में मैलवेयर पहुंचाना, साइबर ठगी के अलग-अलग तरीके हो सकते हैं।

    अब जानते हैं कि अगर आपके व्हाट्सएप पर ऐसा मैसेज आए, तो आपको क्या करना चाहिए।

    सबसे पहले, घबराकर ‘YES’ या ‘NO’ लिखकर जवाब न दें। बैंक का आधिकारिक मोबाइल एप खोलें या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए अपने खाते का बैलेंस और हाल के ट्रांजैक्शन चेक करें। मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करके बैंक की वेबसाइट खोलने से बचें।

    अगर मैसेज संदिग्ध लगता है, तो संबंधित नंबर को व्हाट्सएप पर ब्लॉक और रिपोर्ट करें। मैसेज, भेजने वाले नंबर और समय का स्क्रीनशॉट भी सुरक्षित रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर शिकायत दर्ज कराते समय इसका इस्तेमाल किया जा सके।

    इसके अलावा, किसी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजी गई ZIP, EXE या DLL फाइल डाउनलोड करके न खोलें। बैंक स्टेटमेंट या सरकारी दस्तावेज के नाम पर भेजी गई फाइलों को लेकर खास सतर्कता बरतें।

    अगर आपको पता चलता है कि आपके बैंक खाते से बिना अनुमति पैसे कटे हैं, तो तुरंत बैंक के आधिकारिक कस्टमर केयर से संपर्क करें। ट्रांजैक्शन की जानकारी दें और बैंक से जरूरी कार्रवाई करने को कहें।

    साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा, भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत की जा सकती है। ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करना महत्वपूर्ण है।

    कुल मिलाकर, व्हाट्सएप पर आया हर बैंकिंग अलर्ट सच नहीं होता और सिर्फ ‘NO’ लिखने से फोन हैक होने का दावा भी प्रमाणित तकनीकी तथ्य नहीं है। लेकिन एक छोटी-सी लापरवाही आपको साइबर ठगों के जाल में फंसा सकती है। इसलिए अनजान मैसेज पर भरोसा न करें, संदिग्ध लिंक और फाइलों से दूर रहें और बैंक खाते से जुड़ी किसी भी जानकारी की पुष्टि हमेशा आधिकारिक माध्यम से ही करें। याद रखिए, ऑनलाइन सुरक्षा के मामले में घबराहट नहीं, सतर्कता सबसे जरूरी है।

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