सरकार की सख्ती के बाद हरकत में आया व्हाट्सएप ,नफरती संदेश रोकने को लाएगा नया फीचर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Thu, 05 Jul 2018 05:15 AM IST
WhatsApp reveals its plan to deal with fake news in a letter to govt

    व्हाट्सएप पर अफवाहों के कारण बढ़ रही भीड़ हिंसा की घटनाओं के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने सरकार को भरोसा दिलाया है कि वह अफवाहों पर रोक लगाने के लिए कदम उठा रहा है। उसने कहा कि भीड़ द्वारा पीटकर हत्या करना भयावह हिंसा है और ये जघन्य घटनाएं हैं।

    सरकार ने मंगलवार को व्हाट्सएप को सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि वह अमर्यादित और नफरत फैलाने वाले मेसेजों को फैलने से रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए। सरकार ने व्हाट्सएप से साफ तौर पर कहा कि वह अपनी जिम्मेदारियों से नहीं बच सकता है।

    आईटी मंत्रालय को दिए अपने जवाब में व्हाट्सएप ने कहा कि फर्जी खबरें, झूठी सूचनाएं और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है। इसके लिए सरकार, नागरिक समूहों और प्रौद्योगिकी कंपनियों को एक साथ काम करना पड़ेगा। उसने कहा कि लोगों की सुरक्षा को लेकर व्हाट्सएप बेहद गंभीर है, इसलिए हमने अपने एप को सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

    खास तकनीक पर काम कर रहा व्हाट्सएप 

    सरकार की सख्ती के बाद हरकत में आया व्हाट्सएप ,नफरती संदेश रोकने को लाएगा नया फीचर

    अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए व्हाट्सएप एक नया परीक्षण कर रहा है। इससे उपयोगकर्ताओं को पता चलेगा कि सामने वाले ने कब मेसेज को लिखा और कब उसे भेजा। इसका फायदा यह होगा कि उपयोगकर्ता को पता चल जाएगा कि जो मेसेज वह पढ़ रहा है सामने वाले ने खुद लिखा है या अफवाह फैलाने के लिए भेजा गया है।

    इस फीचर को जल्द लांच करने के साथ व्हाट्सएप लोगों की सुरक्षा को लेकर लंबे समय के लिए एक अभियान भी चलाने पर विचार कर रहा है। इसके साथ ही उसने फैक्ट चेकिंग संगठन के साथ काम करना शुरू कर दिया है ताकि अफवाहों और फेक न्यूज को फैलने से रोका जा सके।

    दो हफ्तों में गई 20 की जान

    व्हाट्सएप और फेसबुक पर तेजी से वायरल हो रहे फर्जी मेसेज के कारण पिछले दो हफ्तों में 20 से ज्यादा लोगों की जान गई है। ये हत्याएं अलग-अलग राज्यों में हुई हैं। महाराष्ट्र के धुले जिले के ग्रामीण बच्चे को चुराने के शक में पांच लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया तो वहीं झारखंड में भी बच्चा चोरी के शक में 7 लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक, असम समेत कई राज्यों में फर्जी खबरों का असर देखने को मिला है।

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