Digital Census: 2027 में पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना, मोबाइल एप से जुटाए जाएंगे आंकड़े
Census 2027 Digital Record:
देश की अगली जनगणना 2027 में पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इस बार पहली बार जातियों से जुड़े आंकड़े भी इकट्ठा किए जाएंगे। इसके लिए मोबाइल एप, निगरानी पोर्टल और स्मार्ट तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।

विस्तार
भारत सरकार 2027 में होने वाली जनगणना को पूरी तरह डिजिटल बनाने जा रही है। खास बात यह है कि इस बार जनगणना में पहली बार जातियों से जुड़े आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे। इस प्रक्रिया में मोबाइल एप, डिजिटल प्लेटफॉर्म और नई तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे डाटा संग्रहण अधिक तेज, सटीक और पारदर्शी बन सके।
मोबाइल एप में रिकॉर्ड होंगे आंकड़े
जनगणना के लिए सरकार एक विशेष मोबाइल एप का इस्तेमाल करेगी, जो 16 भाषाओं में उपलब्ध होगा। गणनाकार इस एप के माध्यम से डाटा एकत्र करेंगे, साथ ही नागरिकों को भी खुद से जानकारी भरने का विकल्प मिलेगा।
जनगणना की यह प्रक्रिया 2026 में घरों की सूची तैयार करने से शुरू होगी और फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना के साथ पूरी होगी।

तेज होगी प्रोसेसिंग और रिपोर्टिंग
डिजिटल जनगणना से डाटा प्रोसेसिंग काफी तेज हो जाएगी। अनुमान है कि अंतिम रिपोर्ट महज 9 महीनों में तैयार कर ली जाएगी। मोबाइल एप में ड्रॉपडाउन मेन्यू, कोडेड सवाल और 'फेच' जैसे स्मार्ट फीचर्स होंगे, जिससे डाटा दोहराव से बचेगा और त्रुटियां कम होंगी।
इसके अलावा ICR (इंटेलिजेंट कैरेक्टर रिकग्निशन) तकनीक की मदद से असंगठित उत्तरों को भी प्रोसेस किया जा सकेगा।
निगरानी के लिए खास पोर्टल
पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए सरकार एक निगरानी पोर्टल भी बना रही है। इससे हर चरण की रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी और पारदर्शिता बनी रहेगी।