Apple: एपल के लिए प्रमुख एक्सपोर्ट हब बना भारत, पीएलआई स्कीम के तहत $50 बिलियन के आईफोन का हुआ व्यापार

सुयश पांडेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीसुयश पांडेय
Tue, 06 Jan 2026 11:34 AM IST
सार

भारत सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के तहत भारत अब एपल के लिए एक प्रमुख वैश्विक एक्सपोर्ट हब बनकर उभरा है। औद्योगिक आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 तक भारत से किए गए आईफोन शिपमेंट का कुल मूल्य $50 बिलियन के पार पहुंच गया है।

India Emerges as Apple’s Key Export Hub Under PLI Scheme, iPhone Shipments Cross $50 Billion
भारत में एपल ने निर्यात के नए कीर्तिमान रचे (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : AI

    विस्तार

    भारत सरकार की स्मार्टफोन प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के तहत भारत, एपल के लिए एक बड़े ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के रूप में उभरा है। ताजा औद्योगिक आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 तक कंपनी का आईफोन शिपमेंट $50 बिलियन (लगभग 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) के आंकड़े को पार कर गया है। खास बात यह है कि एपल की पांच साल की पीएलआई अवधि में अभी भी तीन महीने शेष हैं, जिससे इस आंकड़े में और ज्यादा बढ़त की उम्मीद है।

    निर्यात के नए कीर्तिमान

    वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में एपल का आईफोन निर्यात लगभग $16 बिलियन रहा। इसके साथ ही पीएलआई अवधि के दौरान कुल शिपमेंट $50 बिलियन के पार पहुंच गया। यदि इसकी तुलना अन्य कंपनियों से करें, तो सैमसंग ने वित्त वर्ष 2021 से 2025 तक अपनी पांच साल की पात्रता अवधि के दौरान लगभग $17 बिलियन मूल्य के उपकरणों का निर्यात किया था।

    भारत में एपल का विनिर्माण नेटवर्क

    भारत में एपल की विनिर्माण उपस्थिति लगातार मजबूत हो रही है। वर्तमान में भारत में पांच आईफोन असेंबली प्लांट हैं। इनमें से तीन का संचालन टाटा समूह की संस्थाओं के जरिए और दो का फॉक्सकॉन के जरिए किया जा रहा है। लगभग 45 कंपनियों का एक बड़ा सप्लाई चेन नेटवर्क इस विनिर्माण का समर्थन कर रहा है। इसमें कई MSME शामिल हैं जो घरेलू और वैश्विक संचालन के लिए पुर्जों की आपूर्ति करते हैं।

    अर्थव्यवस्था और निर्यात पर प्रभाव

    स्मार्टफोन अब भारत की सबसे बड़ी एकल निर्यात श्रेणी बन गए हैं। वित्त वर्ष 2025 में कुल स्मार्टफोन निर्यात में आईफोन की हिस्सेदारी लगभग 75 प्रतिशत रही। उल्लेखनीय है कि साल 2015 में निर्यात की जाने वाली वस्तुओं में स्मार्टफोन 167वें स्थान पर थे, जो अब शीर्ष पर पहुंच गए हैं। भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन उत्पादक बन गया है। आज देश में बिकने वाले 99% से ज्यादा फोन 'मेड इन इंडिया' हैं।

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