IIT Delhi के स्टूडेंट्स ने बनाया 5G तकनीक पर चलने वाला प्रदूषण मापक यंत्र, सोलर पॉवर से होगा लैस

Harendra Chaudhary
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्लीHarendra Chaudhary
Fri, 18 Oct 2019 05:54 PM IST
सार

सौर ऊर्जा से चलने वाली यह डिवाइस लगातार पांच साल तक कर सकेगी कामदीवार या ऊंची बिल्डिंग नहीं बनेगी बाधाएक साथ प्रदूषण के नौ कारकों पर रखी जा सकेगी नजर

IIT Delhi students develop 5G network enabled Air Pollution Monitoring Device, works on solar power
मास्क लगाकर जाते हुए - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    दिल्ली आईआईटी की दो शोध छात्राओं ने ऐसी डिवाइस तैयार की है, जिसके जरिए एक साथ प्रदूषण के नौ कारकों पर नजर रखी जा सकेगी। डिवाइस के जरिए एक साथ हानिकारक गैसों, पार्टिकुलेट मैटर (PM), तापमान और आर्द्रता की जानकारी पाई जा सकेगी। 5G तकनीकी से लैस होने के कारण इन आंकड़ों को रियल टाइम में लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा।

    इस डिवाइस की विशेषता यह भी है कि यह सौर ऊर्जा से चलेगी और किसी भी जगह पर एक बार लगा देने के बाद लगभग पांच साल तक काम करती रहेगी। इस दौरान डिवाइस की बैटरी को चार्ज करने की जरुरत नहीं पड़ेगी। इस डिवाइस को '5G इनेबल्ड एयर पॉल्यूशन मॉनिटरिंग टेस्ट बेड' का नाम दिया गया है।

    मौजूदा यंत्र बेहद महंगे

    5G Enabled Air Pollution Monitoring device
    5G Enabled Air Pollution Monitoring device - फोटो : AmarUjala
    IIT Delhi के स्टूडेंट्स ने बनाया 5G तकनीक पर चलने वाला प्रदूषण मापक यंत्र, सोलर पॉवर से होगा लैस

    सामान्य प्रदूषण मापक यंत्र बिजली या बैटरी से चलने वाले होते हैं, जिन्हें लगातार बिजली सप्लाई या चार्जिंग की जरुरत होती है, जबकि उनकी डिवाइस सोलर एनर्जी से संचालित है। किसी जगह पर एक बार लगा देने के बाद यह पांच साल तक लगातार काम करती रहेगी। पांच सालों के बाद इसमें कुछ सफाई की आवश्यकता पड़ेगी। इस सफाई के बाद यह फिर लगातार काम करने में सक्षम होगा।

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