ICRA Report: कारों और ट्रैक्टरों की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री, लेकिन अगले साल क्यों घट सकती है रफ्तार?

Suyash Pandey
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीSuyash Pandey
Sat, 04 Apr 2026 10:29 AM IST
सार

ICRA Auto Report India:

वित्त वर्ष 2026 में कारों और ट्रैक्टरों की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री होने जा रही है, लेकिन ICRA की नई रिपोर्ट बताती है कि अगले साल यह रफ्तार थोड़ी सुस्त पड़ सकती है। जानिए भारतीय ऑटो सेक्टर का पूरा हाल और भविष्य की चुनौतियां इस रिपोर्ट में।

ICRA Report: Auto Sales to Stay Strong in FY26, Growth May Slow in FY27
वाहन बिक्री (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : AI

    विस्तार

    भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर को लेकर जानी-मानी रेटिंग एजेंसी ICRA ने अपनी नई रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि फिलहाल (वित्त वर्ष 2026 में) कारों और ट्रैक्टरों की बिक्री शानदार रहने वाली है, लेकिन अगले साल (वित्त वर्ष 2027 में) इनकी ग्रोथ की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है। आइए इसे आसान और प्वाइंट्स में समझते हैं।

    पैसेंजर वाहन के बाजार का हाल

    अगर हम पैसेंजर वाहन यानी कारों के बाजार की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में इनकी थोक बिक्री 7% से 9% तक बढ़ने का अनुमान है। इस शानदार ग्रोथ के पीछे त्योहारों पर गाड़ियों की भारी डिमांड, जीएसटी दरों में हुई कटौती और बाजार में कई नए मॉडल्स की लॉन्चिंग जैसी मुख्य वजहें शामिल हैं। हालांकि, वित्त वर्ष 2027 में इस ग्रोथ की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है और यह 4% से 6% के बीच रहने का अनुमान है।

    दरअसल, पिछले कुछ समय में गाड़ियों की बिक्री पहले ही इतने ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है कि आगे ग्रोथ का यह प्रतिशत स्वाभाविक रूप से थोड़ा कम नजर आ सकता है। वहीं, बाजार के बदलते ट्रेंड पर नजर डालें तो भारतीय ग्राहक अब प्रीमियम और बड़ी गाड़ियों की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं।

    इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कुल कारों की बिक्री में लगभग 67% हिस्सा अकेले यूटिलिटी व्हीकल्स (SUV/UV) का है। इन सबके अलावा, पारंपरिक पेट्रोल-डीजल के साथ ही लोग अब तेजी से सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को भी अपना रहे हैं, जिससे ऑटोमोबाइल बाजार में ग्राहकों की पसंद और विकल्पों का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

    ट्रैक्टर बाजार की स्थिति

    ट्रैक्टर इंडस्ट्री के लिए वित्त वर्ष 2026 बेहद शानदार साबित हो रहा है और इस साल बिक्री का एक नया रिकॉर्ड बनने की उम्मीद है। अच्छी बारिश, बेहतर खेती और ट्रैक्टरों पर जीएसटी कम होने की वजह से शुरुआती 11 महीनों में ही ट्रैक्टर की बिक्री में 22.8% का भारी उछाल देखा गया है। ICRA के मुताबिक, इस शानदार प्रदर्शन के दम पर FY26 में ट्रैक्टर की बिक्री अपने ऑल-टाइम हाई पर पहुंच जाएगी।

    हालांकि, अगर अगले साल यानी वित्त वर्ष 2027 की बात करें तो ट्रैक्टरों की ग्रोथ थोड़ी सुस्त पड़ सकती है और इसके 1% से 4% के बीच रहने का अनुमान है। दरअसल, आने वाले समय में ट्रैक्टरों की डिमांड काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि मानसून कैसा रहता है और ग्रामीण इलाकों में किसानों की आमदनी कैसी होती है। ऐसे में 'अल नीनो' यानी खराब मौसम और कम बारिश की आशंका इस सेक्टर के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है।

    कंपनियों की तैयारी और आगे की चुनौतियां

    कंपनियों की तैयारी और भविष्य की चुनौतियों पर नजर डालें तो भले ही आने वाले समय में बिक्री की ग्रोथ थोड़ी धीमी हो जाए, लेकिन ऑटोमोबाइल कंपनियां (OEMs) अपना निवेश कम नहीं करने वाली हैं। वे नए प्रोडक्ट्स को बाजार में उतारने और खास तौर पर इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) तकनीक पर जमकर पैसा खर्च करती रहेंगी। वहीं, बाजार के सामने कुछ चुनौतियां भी खड़ी हो सकती हैं।

    आने वाले समय में ग्लोबल टेंशन के कारण बढ़ने वाली महंगाई और बैंकों की ब्याज दरों में होने वाले बदलावों पर ऑटो बाजार की कड़ी नजर रहेगी। हालांकि, इस सबके बीच अच्छी और राहत की बात यह है कि ग्रोथ की रफ्तार धीमी होने के अनुमान के बावजूद, कार और ट्रैक्टर बनाने वाली कंपनियों की आर्थिक सेहत बेहद मजबूत बनी रहेगी। इन कंपनियों पर कर्ज का बोझ काफी कम है और वे लगातार अच्छा मुनाफा कमा रही हैं, जिससे वे बाजार के किसी भी उतार-चढ़ाव का आसानी से सामना कर सकेंगी।