Malware: एंड्रॉयड यूजर्स के लिए गूगल की चेतावनी, ये खतरनाक मैलवेयर जासूस चुरा सकता है आपका सारा निजी डाटा

सुयश पांडेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीसुयश पांडेय
Sat, 07 Feb 2026 10:20 AM IST
सार

Arsink Malware Stealing Personal Data:

एंड्रॉयड यूजर्स के लिए एक गंभीर चेतावनी सामने आई है। गूगल ने 'Arsink' नाम के खतरनाक मालवेयर को लेकर अलर्ट जारी किया है, जो दुनियाभर में एंड्रॉयड फोन को निशाना बना रहा है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक यह वायरस फोन में घुसते ही एक डिजिटल जासूस की तरह काम करता है और मैसेज, कॉन्टैक्ट्स, कॉल लॉग्स, फोटो-वीडियो और यहां तक कि माइक्रोफोन तक को एक्सेस कर सकता है।

Google Warns Android Users About Dangerous ‘Arsink’ Malware Stealing Personal Data
Arsink Malware - फोटो : AI

    विस्तार

    अगर आप एंड्रॉयड फोन चलाते हैं तो सावधान हो जाइए। गूगल ने 'Arsink' नाम के एक खतरनाक वायरस (मालवेयर) को लेकर अलर्ट जारी किया है। जानकारों का कहना है कि यह वायरस पूरी दुनिया में लोगों के फोन में सेंध लगा रहा है। यह इतना खतरनाक है कि आपके फोन के मैसेज, कॉन्टैक्ट्स और आपकी प्राइवेट फोटो-वीडियो तक चोरी कर सकता है।

    क्या है Arsink मालवेयर?

    मोबाइल सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स की मानें तो Arsink कोई छोटा-मोटा वायरस नहीं है जो सिर्फ आपके फोन को धीमा कर दे। यह असल में एक 'डिजिटल जासूस' की तरह है। एक बार अगर यह आपके फोन में घुस गया तो दूर बैठा हैकर आपके फोन को पूरी तरह अपने कब्जे में ले सकता है और उसे अपनी मर्जी से चला सकता है।

    यह कैसे काम करता है और आपको कैसे फंसाता है?

    Arsink मालवेयर सीधे आपके फोन में नहीं आता, बल्कि इसे लालच देकर आपके फोन में पहुंचाया जाता है। यह गूगल प्ले स्टोर पर नहीं मिलता इसलिए जालसाज इसे फैलाने के लिए वाट्सएप, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे बड़े एप्स के नाम का सहारा लेते हैं। अक्सर लोग टेलीग्राम, डिस्कॉर्ड या अनजान वेबसाइट्स पर मिलने वाले इन एप्स के 'Mod' या 'प्रीमियम' वर्जन (जैसे बिना विज्ञापन वाला यूट्यूब या एक्स्ट्रा फीचर्स वाला वाट्सएप) के चक्कर में पड़ जाते हैं। जैसे ही आप इन फेक एप्स को डाउनलोड करके जरूरी परमिशंस देते हैं, यह एक्टिव हो जाता है और फिर चुपचाप आपके मैसेज पढ़ना, कॉल लॉग्स और कॉन्टैक्ट्स चुराना, यहां तक कि आपके माइक्रोफोन से बातें रिकॉर्ड करना और फोन की निजी फाइलें एक्सेस करना शुरू कर देता है।

    क्या करें क्या न करें 
    हमेशा गूगल प्ले प्रोटेक्ट से ही एप्स डाउनलोड करें।अनजान APK लिंक्स या थर्ड-पार्टी वेबसाइट्स पर भरोसा न करें।
    फोन में प्ले प्रोटेक्ट को हमेशा ऑन रखें।एप्स को अनावश्यक परमिशंस (जैसे माइक्रोफोन या फाइल एक्सेस) न दें।
    समय-समय पर सिक्योरिटी अपडेट चेक और इंस्टॉल करें।फ्री प्रीमियम या नो एड्स के लालच में Mod एप्स न डालें।
    संदिग्ध एप दिखने पर उसे तुरंत अनइंस्टॉल करें।अनजान टेलीग्राम ग्रुप्स से मिली फाइल्स को ओपन न करें।

    सुरक्षित रहने के लिए क्या करें?

    गूगल का कहना है कि उन्होंने Arsink मालवेयर को रोकने के लिए इसके नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है और राहत की बात यह है कि यह वायरस उनके आधिकारिक प्ले स्टोर पर मौजूद नहीं है। लेकिन हैकर्स अक्सर नए-नए तरीके ढूंढ लेते हैं, इसलिए अपनी सुरक्षा के लिए आपको इन 5 बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।

    1. गूगल प्ले प्रोटेक्ट को ऑन रखें:

    यह आपके फोन का इन-बिल्ट सिक्योरिटी गार्ड है। यह फोन में मौजूद सभी एप्स को लगातार स्कैन करता रहता है। अगर आप गलती से कोई ऐसा एप डाउनलोड कर लेते हैं जो आपके डाटा के लिए खतरा है तो प्ले प्रोटेक्ट आपको तुरंत अलर्ट भेजता है और उसे ब्लॉक कर देता है। इसे चेक करने के लिए प्ले स्टोर की सेटिंग्स में जाएं।

    2. फोन को हमेशा अपडेट रखें:

    कंपनियां समय-समय पर 'सॉफ्टवेयर अपडेट' या 'सिक्योरिटी पैच' भेजती हैं। ये अपडेट सिर्फ नए फीचर्स के लिए नहीं होते, बल्कि फोन की कमियों (बग्स) को सुधारने और नए वायरसों से लड़ने के लिए होते हैं। पुराने वर्जन वाले फोन को हैक करना आसान होता है इसलिए अपडेट आते ही उसे इंस्टॉल करें।

    3. बाहरी सोर्स (अननोन सोर्सेज) से बचें:

    हम अक्सर प्ले स्टोर के बाहर किसी वेबसाइट, टेलीग्राम ग्रुप या डिस्कॉर्ड लिंक से सीधे एप (APK फाइल) डाउनलोड कर लेते हैं। ये सबसे ज्यादा खतरनाक है क्योंकि इन एप्स की कोई जांच नहीं होती। हमेशा याद रखें कि सुरक्षित एप सिर्फ आधिकारिक स्टोर (जैसे गूगल प्ले स्टोर) पर ही मिलते हैं।

    4. लालच वाले विज्ञापनों से दूर रहें:

    इंटरनेट पर अक्सर ऐसे लिंक दिखते हैं जो दावा करते हैं कि आपको यूट्यूब, स्पॉटिफाई या नेटफ्लिक्स का 'प्रीमियम' वर्जन मुफ्त में मिल जाएगा या गेम के सारे लेवल अनलॉक हो जाएंगे (जिन्हें 'Mod' एप्स कहते हैं)। ये असल में एक जाल होता है। इन एप्स के पीछे ही Arsink जैसे मालवेयर छिपे होते हैं जो आपका डाटा चुराते हैं।

    5. अनजान एप्स को तुरंत डिलीट करें:

    कभी-कभी हमारे फोन में कुछ ऐसे एप्स दिखने लगते हैं जिन्हें हमने कभी डाउनलोड ही नहीं किया। ये एप्स अक्सर विज्ञापन के जरिए या किसी दूसरे एप के साथ चुपके से इंस्टॉल हो जाते हैं। अगर आपको फोन में कोई भी फालतू या शक पैदा करने वाला एप दिखे, तो बिना देर किए उसे 'अनइंस्टॉल' कर दें।

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