120W फास्ट चार्जिंग फोन्स का घमंड टूटा: iPhone 17 Pro बना चार्जिंग चैंपियन, जानें क्या है Apple का सीक्रेट

Suyash Pandey
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीSuyash Pandey
Mon, 18 May 2026 11:02 AM IST
सार

iPhone 17 Pro Charging Speed:

स्मार्टफोन की चार्जिंग रेस में हमेशा एंड्रॉयड आगे रहा है, लेकिन एक नए टेस्ट ने सारे मिथक तोड़ दिए हैं। बिना फास्ट चार्जर यानी 120W चार्जर सपोर्ट के iPhone 17 Pro सबसे तेज चार्ज होने वाला फोन बन गया है। आखिर एपल ने यह कमाल कैसे किया और सैमसंग-वनप्लस का क्या हुआ? जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

iPhone 17 Pro Beats 120W Rivals To Become Fastest Overall Charging Smartphone
iPhone 17 Pro Charging - फोटो : AI

    विस्तार

    जब भी हम किसी प्रीमियम या फ्लैगशिप स्मार्टफोन के बारे में बात करते हैं तो अक्सर हमारा ध्यान कैमरे, एआई फीचर्स, डिस्प्ले या फिर बैटरी लाइफ पर ही होता है। फोन के चार्ज होने की स्पीड अक्सर दूसरे नंबर पर आती है। खासतौर पर आईफोन के मामले में तो लोग मानकर चलते हैं कि ये फास्ट चार्जिंग के मामले में एंड्रॉयड से पीछे ही रहेंगे। लेकिन, एक हालिया लैब टेस्ट ने टेक जगत को चौंका दिया है। 33 स्मार्टफोन्स पर हुए इस टेस्ट में Apple iPhone 17 Pro ओवरऑल चार्जिंग परफॉर्मेंस के मामले में सबसे तेज स्मार्टफोन बनकर उभरा है।

    कैसे किया गया यह टेस्ट?

    इस टेस्ट को बहुत ही प्रैक्टिकल तरीके से किया गया था। इसमें मुख्य रूप से यह देखा गया कि अगर फोन की बैटरी 10% से कम है तो वह 30 मिनट में कितना चार्ज होता है। वायर्ड (केबल वाली) चार्जिंग की स्पीड जांचने के लिए सभी फोन्स को उनके सपोर्टेड मैक्सिमम स्पीड वाले चार्जर से कनेक्ट किया गया।

    वहीं, वायरलेस चार्जिंग का टेस्ट Qi और Qi2 सपोर्ट वाले चार्जर्स के जरिए बिल्कुल अलग से किया गया। इस टेस्ट के नतीजों में सिर्फ चार्जर के वॉट को नहीं देखा गया, बल्कि वायर्ड और वायरलेस, दोनों के नतीजों को मिलाकर एक ओवरऑल स्कोर तैयार किया गया और हैरानी की बात ये रही कि इसमें एपल ने बाजी मार ली।

    कम वॉट होने पर भी आईफोन 17 प्रो ने कैसे किया कमाल?

    रिपोर्ट के मुताबिक, iPhone 17 Pro 30 मिनट में केबल के जरिए लगभग 74% और वायरलेस तरीके से लगभग 55% चार्ज हो गया। बिना किसी बहुत बड़े चार्जर के इसके इतने तेज चार्ज होने की सबसे बड़ी वजह है इसकी बैटरी का साइज। दरअसल, iPhone 17 Pro में 4,252mAh की बैटरी दी गई है।

    जबकि आजकल ज्यादातर एंड्रॉयड फोन्स 5,000mAh या 7,000mAh की बड़ी बैटरी के साथ आ रहे हैं। जाहिर सी बात है, छोटी बैटरी को फुल होने में कम समय लगता है। अगर इस फोन की चार्जिंग कैपेसिटी की बात करें, तो यह 40W की वायर्ड चार्जिंग और 25W की Qi2.2 वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करता है।

    मजेदार बात ये रही कि वायरलेस चार्जिंग की लिस्ट में एपल का पूरी तरह से दबदबा दिखा। iPhone 17 Pro Max, iPhone 17 और iPhone Air भी सबसे तेज वायरलेस चार्ज होने वाले फोन्स में शामिल रहे। इसका एक बड़ा कारण एपल का 'MagSafe' फीचर है। ये फोन को वायरलेस चार्जर पर बिल्कुल सही जगह सेट कर देता है। इससे चार्जिंग बिना किसी रुकावट के तेज होती है।

    सैमसंग और वनप्लस का कैसा रहा हाल?

    भले ही ओवरऑल रेस एपल ने जीती हो, लेकिन अगर सिर्फ 'वायर्ड चार्जिंग' की बात करें, तो Samsung Galaxy S26 Ultra नंबर वन पर रहा। इस फोन ने 60W वायर्ड चार्जिंग की मदद से 30 मिनट में अपनी बैटरी 76% तक चार्ज कर ली।

    यह अब तक का सबसे तेज चार्ज होने वाला सैमसंग फ्लैगशिप बन गया है। इसके अलावा, OnePlus 15 का प्रदर्शन भी काफी शानदार रहा, क्योंकि इसमें सिलिकॉन-कार्बन जैसी नई तकनीक वाली बड़ी बैटरी का इस्तेमाल किया गया है, जो हाई-स्पीड चार्जिंग को आसानी से झेल सकती है।

    इस टेस्ट से क्या समझ आता है?

    यह टेस्ट स्मार्टफोन मार्केट की एक दिलचस्प तस्वीर पेश करता है। एक तरफ जहां एंड्रॉयड कंपनियां बड़ी-बड़ी बैटरियों और 120W जैसी अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग के पीछे भाग रही हैं, वहीं एपल अपने सॉफ्टवेयर को ऑप्टिमाइज करने, फोन को गर्म होने से बचाने और कंसिस्टेंट चार्जिंग देने पर फोकस कर रहा है। सच कहें तो एक आम यूजर के लिए मार्केटिंग पोस्टर पर '120W' लिखे होने से ज्यादा ये मायने रखता है कि फोन रोजमर्रा की जिंदगी में बिना किसी झंझट के कितनी जल्दी और सही तरीके से चार्ज होता है।

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