Iphone: एपल की चीन को झटका देने की तैयारी, भारत में शिफ्ट होगा आईफोन प्रोडक्शन का बड़ा हिस्सा
चीन में सालाना 23 करोड़ आईफोन तैयार होते हैं जबकि भारत में केवल 30 लाख ही तैयार हो रहे हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि मार्च 2022 तक यह आंकड़ा 2.5 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

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आईफोन निर्माता एपल ने चीन के बजाय भारत में मैन्यूफैक्चरिंग को लेकर एक और बड़ा कदम उठाया है। एपल के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग करने वाली कंपनी फॉक्सकॉन ने अपने चेन्नई प्लांट में आईफोन 14 सीरीज की असेंबलिंग भी शुरू कर दी है। बता दें कि एपल ने पिछले महीने ही भारत में आईफोन के निर्माण की घोषणा की थी, इसे अमेरिका तथा चीन के बीच तनाव के कारण लिया गया फैसला कहा जा रहा था।
दरअसल, कंपनी चीन की सख्त लॉकडाउन नीति और अमेरिका से खराब होते संबंधों के चलते चीन पर निर्भरता कम करना चाहती है। पिछले सप्ताह भी यह रिपोर्ट आई थी कि एपल पहली बार AirPods और Beats हेडफोन प्रोडक्शन भी भारत में करने पर विचार कर रही है और कंपनी जल्द ही इसकी घोषणा भी कर सकती है।
अब एपल एनालिस्ट Ming Chi Kuo ने दावा किया है कि एपल चीन पर अपनी निर्भरता कम करने की योजना बना रही है। एनालिस्ट ने सप्लाई चेन सर्वे से महत्वपूर्ण निष्कर्षों का खुलासा भी किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि एपल अपने आईफोन मैन्यूफैक्चरिंग का एक बड़ा हिस्सा भारत में शिफ्ट करने वाला है और MacBook का प्रोडक्शन और असेंबलिंग थाईलैंड ले जाने वाला है।
एपल एनालिस्ट Ming Chi Kuo के मुताबिक एपल की योजना है कि भारत में बने आईफोन को ग्लोबली एक्सपोर्ट किया जाएगा और आईफोन असेंबली बिजनेस के लिए कंपनी की तैयारी टाटा ग्रुप के साथ पार्टनरशिप करने की है। इस पार्टनरशिप में ताइवानी इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर Pegatron और Wistron भी शामिल हो सकती हैं।
बता दें कि पिछले काफी समय से भारत में आईफोन को बनाने की जानकारी सामने आती रही है। हाल ही में भारत में आईफोन की मैन्युफैक्चरिंग को लेकर टाटा ग्रुप और विस्ट्रॉन कॉर्प के बीच बातचीत की खबरें भी सामने आई थीं। चीन में सालाना 23 करोड़ आईफोन तैयार होते हैं जबकि भारत में केवल 30 लाख ही तैयार हो रहे हैं। वहीं भारत से आईफोन एक्सपोर्ट की बात करें तो अप्रैल 2022 तक भारत से एक अरब डॉलर से अधिक के आईफोन का एक्सपोर्ट किया गया है।
एक्सपर्ट का मानना है कि मार्च 2022 तक यह आंकड़ा 2.5 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। यानी इसमें ढाई गुना की वृद्धि हो सकती है। बता दें कि एपल के उत्पाद में आईफोन के बाद एयरपॉड्स सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। सालाना सात करोड़ से अधिक यूनिट की बिक्री होती है।