NEET 2026: Telegram बैन होते ही सब इस्तेमाल करने लगे VPN एप्स, रातों-रात हुए 9 लाख से ज्यादा डाउनलोड्स

Suyash Pandey
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीेSuyash Pandey
Mon, 22 Jun 2026 07:11 PM IST
सार

People Using VPN To Access Telegram In India:

नीट री-एग्जाम के दौरान टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगते ही भारत में VPN एप्स की मांग अचानक बढ़ गई। टॉप 100 VPN एप्स के डाउनलोड 9 लाख से भी ऊपर पहुंच गए, जो सामान्य दिनों के मुकाबले 76% अधिक थे। आखिर VPN क्या है, यह कैसे काम करता है और क्या VPN इस्तेमाल करने वालों की गतिविधियों का रिकॉर्ड सरकारी एजेंसियां देख सकती हैं? जानिए पूरी कहानी।

Telegram Ban Triggers VPN Boom in India: Downloads Cross 9 Lakh in a Single Day
VPN एप्स - फोटो : एआई

    हाल ही में NEET परीक्षा विवाद के दौरान 16 जून को सरकार ने टेलीग्राम पर अस्थायी बैन लगाया था। आपको क्या लगता है कि टेलीग्राम बंद होने पर यूजर्स ने किस एप का रुख किया होगा? व्हाट्सएप, सिग्नल या इंस्टाग्राम? जवाब है- इनमें से कोई नहीं।

    इस बैन से सबसे ज्यादा फायदा उन एप्स को हुआ जिन्हें आम दिनों में कम ही लोग पूछते हैं - VPN (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) एप्स। यूजर्स ने टेलीग्राम का इस्तेमाल जारी रखने के लिए धड़ल्ले से VPN एप्स डाउनलोड किए।

    VPN एप्स
    VPN एप्स - फोटो : एआई

    टेलीग्राम बैन से VPN एप्स की हुई चांदी

    एप इंटेलिजेंस फर्म 'एप फिगर्स' के डेटा के अनुसार, टेलीग्राम पर पाबंदी की वजह से इस साल भारत में VPN डाउनलोड में सबसे बड़ी बढ़ोतरी देखी गई। आंकड़ों पर एक नजर डालें तो:

    • 16 जून:जिस दिन बैन लगा, उसी दिन टॉप 100 VPN एप्स के डाउनलोड बढ़कर 6,45,000 हो गए।
    • 17 जून:अगले ही दिन यह आंकड़ा 9,19,000 तक पहुंच गया।
    • ग्रोथ:यह संख्या 9 से 15 जून के औसत से 76% और 1 से 15 जून की बेसलाइन से 63% ज्यादा थी।

    आंकड़ों के मुताबिक, 17 जून भारत में VPN एप्स के लिए 2025 की शुरुआत के बाद से सबसे अच्छा दिन बन गया।

    VPN एप्स
    VPN एप्स - फोटो : एआई

    क्या है VPN?

    VPN (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) इंटरनेट की दुनिया की वो मास्टर चाबी है, जिससे आप ब्लॉक की गई वेबसाइट्स और एप्स का ताला खोल सकते हैं।

    • लोकेशन बदलना:इंटरनेट पर दिखने वाला कॉन्टेन्ट आपकी लोकेशन के हिसाब से होता है। उदाहरण के लिए, नेटफ्लिक्स की कई फिल्में और सीरीज भारत में नहीं दिखतीं। लेकिन, VPN लगाकर जैसे ही आप अपनी डिवाइस की लोकेशन अमेरिका करते हैं, आपको वो सारा कॉन्टेन्ट दिखने लगता है।
    • सुरक्षित कनेक्शन:आसान शब्दों में, अगर आप ऑफिस से बाहर हैं और आपको ऑफिस के सर्वर से कुछ डेटा चाहिए, तो VPN इंटरनेट के जरिए आपके सिस्टम को ऑफिस के सर्वर से सुरक्षित रूप से जोड़ता है।
    • IP एड्रेस छिपाना:VPN आपके इंटरनेट ट्रैफिक को एन्क्रिप्ट (सुरक्षित कोड में बदलना) करता है और इसे दूसरी जगहों के सर्वर से भेजता है। इससे आपका असली IP एड्रेस छिप जाता है और आप नेटवर्क पाबंदियों से बच जाते हैं।

    मार्केट में मुफ्त और पेड (प्रीमियम), दोनों तरह के VPN मौजूद हैं। मुफ्त वाले एप्स में कुछ ही देशों की लोकेशन मिलती है, जबकि पेड एप्स में आप दुनिया के किसी भी कोने का सर्वर चुन सकते हैं।

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