मैग्नीबर रैंसमवेयर: गूगल क्रोम यूजर्स अभी अपडेट न करें ब्राउजर, सिस्टम में आ रहा है नया वायरस, जानिए इससे बचने का तरीका

आशिकी पटेल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीआशिकी पटेल
Mon, 17 Jan 2022 01:49 PM IST
google chrome and microsoft edge users do not update your browser hackers targeting your deta by Magniber Ransomware
मैग्नीबर रैंसमवेयर चुरा रहा आपका डाटा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock

    अक्सर लोग अपने कम्प्यूटर, स्मार्टफोन या दूसरे डिवाइस को अपडेट करते रहते हैं। इससे उसका सिक्योरिटी लेवल अपडेट होता है। साथ ही वायरस या मालवेयर अटैक का खतरा कम हो जाता है। जानकार भी हमेशा डिवाइस को अपडेट करने की सलाह देते हैं, लेकिन हैकर्स ने इसमें भी हैकिंग का एक नया पैंतरा ढूंढ निकाला है। पिछले कुछ दिनों से क्रोम पर एक स्कैम चल रहा है, जो यूजर्स को काफी नुकसान पहुंचा सकता है। अब गूगल के क्रोम ब्राउजर के अपडेट से लोगों के सिस्टम हैक हो रहे हैं। एक रिपोर्ट की मानें तो, गूगल क्रोम और माइक्रोसॉफ्ट एज को अपडेट करने के बाद सिस्टम में मैग्नीबर रैंसमवेयर आ रहा है। ये यूजर के डेटा को नुकसान पहुंचा रहा है। ऐसे में आपको काफी ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है और इन दोनों ब्राउजर पर अपडेट दिखाई देता है, तो उसे बिल्कुल भी अपडेट न करें। आइए विस्तार से जानते हैं कि क्या है मैग्नीबर रैंसमवेयर और इससे कैसे सुरक्षित रहें...

    मैग्नीबर रैंसमवेयर चुरा रहा आपका डाटा  (प्रतीकात्मक तस्वीर)
    मैग्नीबर रैंसमवेयर चुरा रहा आपका डाटा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock

    क्या है नुकसान ?

    दरअसल, मैग्नीबर रैंसमवेयर मोबाइल या सिस्टम को अपडेट करने के बाद, आपके डिवाइस में आ जाता है और बैकग्राउंड में जाकर एक्टिव हो जाता है। इसके बाद आपके सिस्टम या डिवाइस में मौजूद सभी फाइल्स का एन्क्रिप्शन बनाने लगता है और आपको पता भी नहीं चलता। मैग्नीबर रैंसमवेयर का काम पूरा होने के बाद यूजर्स कोई भी फाइल ओपन नहीं कर पाते। यहां से हैकर्स का असली खेल शुरू होता है और वो डेटा चुराकर ब्लैकमेलिंग शुरू कर देते हैं।

    मैग्नीबर रैंसमवेयर चुरा रहा आपका डाटा  (प्रतीकात्मक तस्वीर)
    मैग्नीबर रैंसमवेयर चुरा रहा आपका डाटा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock

    क्या है मैग्नीबर रैंसमवेयर?

    मैग्नीबर बहुत ज्यादा खतरनाक रैंसमवेयर है। आप जब भी ब्राउजिंग करते हैं तब ये दूसरे मालवेयर को डिवाइस में डाउनलोड करता है। एक बार आपके सिस्टम तक पहुंच जाने के बाद उसे नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है।

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