अभी भी बंद नहीं हुआ है पेजर, फैक्स, बैंक चेक और कैसेट का इस्तेमाल, जानें क्यों

लगभग एक हजार लोग जो अभी भी जापान में पेजर का इस्तेमाल करते थे, हो सकता है कि वे बीते सप्ताह पेजर के बंद होने पर दुखी भी हों। ये जानने के बाद आप अचरज में पूछ सकते हैं कि क्या पेजर अब भी इस्तेमाल में लाए जा रहे थे? हालांकि पेजर अब जापान में दिखने बंद हो जाएंगे आप इन्हें दुनिया में और जगह ढूंढ़ सकते हैं। एक बात और, पेजर दुनिया भर में एकमात्र "पुरानी" वस्तु नहीं हैं। ऐसी वस्तुएं और भी हैं जिन्हें आउटडेटेड कहा जाता है लेकिन उसका इस्तेमाल खूब हो रहा है। ऐसी ही चीजों के बारे में दिलचस्प जानकारियां।

पेजर
ये छोटे रेडियो रिसीवर जैसे होते हैं जिसे आप अपने साथ लेकर चल सकते हैं। इसमें हर उपभोक्ता का एक निजी कोड होता है जिसे लोग संदेश भेजने के लिए दूसरों को दे सकते हैं। हर संदेश पेजर की स्क्रीन की एक तरफ फ्लैश होता है। बीप की आवाज के साथ फ्लैश होने के चलते इसे बीपर भी कहा जाता था। इसे 1950-60 के दशक में विकसित किया गया लेकिन 80 के दशक में यह तेजी से लोकप्रिय हुआ लेकिन मोबाइल फोन ने इसे चलन से बाहर कर दिया। बावजूद इसके पेजर का इस्तेमाल आज भी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।

पेजर आज भी प्रचलित क्यों है?
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा में काम करने वाले एक लाख 30 हज़ार लोग विश्व के बचे हुए दस प्रतिशत पेजरों का इस्तेमाल करते हैं। एक अध्ययन के मुताबिक साल 2018 में ब्रिटेन के 80% अस्पतालों में पेजरों का इस्तेमाल अब भी किया जा रहा था। क्यों? क्योंकि इनका रिसेप्शन यानि नेटवर्क बेहतर होता है। कुछ अस्पतालों के कमरे एक्सरे को रोकने की दृष्टि से बनाये जाते हैं। इससे कमरे के अंदर टेलीफोन सिग्नल नहीं आते। पेजर के रेडियो सिग्नल बहुत अच्छे होते हैं और आपातस्थिति में इसलिए उपयोगी साबित होते हैं। लेकिन पेजर दुनिया में हमेशा के लिए नहीं रहेंगे। ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा साल 2021 तक इसे चरणबद्ध तरीके से हटा देगी और एक नया मैसेजिंग सिस्टम इसकी जगह लाएगी।