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Attitude Shayari: सूरज हूँ ज़िंदगी की रमक़ छोड़ जाऊँगा

उर्दू अदब
                
                                                         
                            सूरज हूँ ज़िंदगी की रमक़ छोड़ जाऊँगा 
                                                                 
                            
मैं डूब भी गया तो शफ़क़ छोड़ जाऊँगा 
~ इक़बाल साजिद

हम-सफ़र चाहिए हुजूम नहीं 
इक मुसाफ़िर भी क़ाफ़िला है मुझे 

~ अहमद फ़राज़
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2 वर्ष पहले

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