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Hindi Shayari: ख़ुमार बाराबंकवी के चुनिंदा अशआर

उर्दू अदब
                
                                                         
                            मोहब्बत को समझना है तो नासेह ख़ुद मोहब्बत कर 
                                                                 
                            
किनारे से कभी अंदाज़ा-ए-तूफ़ाँ नहीं होता 

दुश्मनों से प्यार होता जाएगा 
दोस्तों को आज़माते जाइए 

दूसरों पर अगर तब्सिरा कीजिए 
सामने आइना रख लिया कीजिए 

हटाए थे जो राह से दोस्तों की 
वो पत्थर मिरे घर में आने लगे हैं 
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एक वर्ष पहले

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