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बदल जाते हैं दिल हालात जब करवट बदलते हैं: जमील मज़हरी

सोशल मीडिया: प्यास ने गर्मी का बहाना किया बरसात ने बादल का मृत्यु ने उम्र का
                
                                                         
                            बदल जाते हैं दिल हालात जब करवट बदलते हैं 
                                                                 
                            
मोहब्बत के तसव्वुर भी नए साँचों में ढलते हैं 

तबस्सुम जब किसी का रूह में तहलील होता है 
तो दिल की बाँसुरी से नित नए नग़्मे निकलते हैं 

मोहब्बत जिन के दिल की धड़कनों को तेज़ रखती है 
वो अक्सर वक़्त की रफ़्तार से आगे भी चलते हैं 

उजाले के पुजारी मुज़्महिल क्यूँ हैं अंधेरे से 
कि ये तारे निगलते हैं तो सूरज भी उगलते हैं  आगे पढ़ें

5 वर्ष पहले

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