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Bashir Badr Poetry:  नए लोग होंगे नई बात होगी

उर्दू अदब
                
                                                         
                            कहाँ आँसुओं की ये सौग़ात होगी 
                                                                 
                            
नए लोग होंगे नई बात होगी 

मैं हर हाल में मुस्कुराता रहूँगा 
तुम्हारी मोहब्बत अगर साथ होगी 

चराग़ों को आँखों में महफ़ूज़ रखना 
बड़ी दूर तक रात ही रात होगी 

परेशाँ हो तुम भी परेशाँ हूँ मैं भी 
चलो मय-कदे में वहीं बात होगी 

चराग़ों की लौ से सितारों की ज़ौ तक 
तुम्हें मैं मिलूँगा जहाँ रात होगी  आगे पढ़ें

2 वर्ष पहले

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