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आज का शब्द: ऋजु और सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की कविता 'टूटें सकल बन्ध'

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हिंदी हैं हम शब्द-शृंखला में आज का शब्द है ऋजु जिसका अर्थ है - सीधा; सरल। कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है। 

टूटें सकल बन्ध
कलि के, दिशा-ज्ञान-गत हो बहे गन्ध।

रुद्ध जो धार रे
शिखर - निर्झर झरे
मधुर कलरव भरे
शून्य शत-शत रन्ध्र।
          
रश्मि ऋजु खींच दे
चित्र शत रंग के,
वर्ण - जीवन फले,
जागे तिमिर अन्ध। 
 

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2 महीने पहले

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