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आज का शब्द: फाग और हरिवंशराय बच्चन की कविता- होली ही हम रहे मनाते

आज का शब्द
                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- फाग, जिसका अर्थ है- फागुन में गाया जाने वाला गीत, होली। प्रस्तुत है हरिवंशराय बच्चन की कविता- होली ही हम रहे मनाते
                                                                 
                            

खेल चुके हम फाग समय से!

फैलाकर निःसीम भुजाएँ,
अंक भरीं हमने विपदाएँ,
होली ही हम रहे मनाते प्रतिदिन अपने यौवन वय से!
खेल चुके हम फाग समय से!

मन दे दाग अमिट बतलाते,
हम थे कैसा रंग बहाते
मलते थे रोली मस्तक पर क्षार उठाकर दग्ध हृदय से!
खेल चुके हम फाग समय से!

रंग छुड़ाना, चंग बजाना,
रोली मलना, होली गाना--
आज हमें यह सब लगते हैं केवल बच्चों के अभिनय से!
खेल चुके हम फाग समय से!
3 वर्ष पहले

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