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आज का शब्द: दूज और गिरिजाकुमार माथुर की कविता- चूड़ी का टुकड़ा

आज का शब्द
                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- दूज, जिसका अर्थ है- चंद्र मास के प्रत्येक पक्ष की दूसरी तिथि, द्वितीया। प्रस्तुत है गिरिजाकुमार माथुर की कविता- चूड़ी का टुकड़ा
                                                                 
                            

आज अचानक सूनी-सी संध्या में 
जब मैं यों ही मैले कपड़े देख रहा था 
किसी काम में जी बहलाने 
एक सिल्क के कुर्ते की सिलवट में लिपटा 
गिरा रेशमी चूड़ी का छोटा-सा टुकड़ा 
उन गोरी कलाइयों में जो तुम पहने थीं 
रंग भरी उस मिलन रात में। 
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4 वर्ष पहले

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