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आखिरी गीत जिसे रफ़ी ने गाया और मुआवजा भी नहीं लिया, बाद में दुनिया छोड़ चले....

Mohammed Rafi
                
                                                         
                            रफ़ी साहब को एक कविता फ़िरोज निज़ामी ने गवाया था लाहौर रेडियो स्टेशन से। इसके बाद रफ़ी साहब की गिनती लाहौर स्टेशन के सम्मानित गायकों में होने लगी थी। उस ज़माने में लाहौर भी फिल्म इंडस्ट्री का मरकज़ हुआ करता था। 
                                                                 
                            

उसी इंडस्ट्री की एक फिल्म थी "गुलबालोच" जिसमें रफ़ी साहब को गाने का मौका मिला। फिल्म  "गुलबालोच" एक पंजाबी फिल्म थी और रफ़ी साहब के लिए पहला गाना था - "सोणी हीरीए तेरी याद ने बहुत सताया" था। ज़ीनत बेगम के साथ संगीतकार श्याम सुंदर के संगीत निर्देशन में यह उनका पहला दोगाना था।  आगे पढ़ें

ये थे गाने के बोल...

8 वर्ष पहले

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