काफ़िराना सा है इश्क़ है या क्या है… मुहब्बत की इब्तिदाई दस्तक

Kedarnath song qaafirana sa hai ishq hai ya kya hai
                
                                                             
                            
“सैल्फ़ी हो गयी हो तो सवारी लोगे”?

दो लोगों के बीच हुआ यह संवाद किसी व्यवसायिक रिश्ते की ओर इशारा करता है जहां एक यात्री किसी ऑटो, रिक्शा आदि चलाने वाले से संभवत: यह सवाल पूछ रहा होगा। लेकिन यहां स्थिति थोड़ी अलग है, यहां एक युवती एक घोड़ा-खच्चर चलाने वाले उस नौजवान से यह सवाल पूछ रही है जिसके प्रेम में वह है। यह दृश्य है फ़िल्म केदारनाथ के गीत ‘काफ़िराना’ का जिसमें इस संवाद के ठीक बाद अरिजीत सिंह की आवाज़ में अमिताभ भट्टाचार्य के लिखे ये इश्क़िया शब्द सुनाई देते हैं।

इन वादियों में टकरा चुके हैं हमसे मुसाफ़िर यूँ तो कई
दिल ना लगाया हमने किसी से किस्से सुने हैं यूँ तो कई


केदारनाथ और उत्तराखंड की सुंदर वादियों में खच्चर चलाने वाले एक युवक (सुशांत सिंह राजपूत) को मुसाफ़िर युवती (सारा अली ख़ान) से प्रेम हो जाता है जिससे उस वादी की सुंदरता में मानो चार मानक और बढ़ जाते हैं इसलिए तो वह कहता है कि मुसाफ़िर यूं को कई मिले लेकिन वह नहीं मिला जो हमसफ़र बन सके।
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ऐसे तुम मिले हो ऐसे तुम मिले हो

4 weeks ago

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