मुमताज का 31 जुलाई को जन्मदिन है। 1947 में जन्मीं मुमताज ने हिंदी सिने जगत में काफी समय तक राज किया। राजेश खन्ना के साथ इनकी बॉलीवुड में यादगार जोड़ी रही। सिने प्रेमियों के दिल में मुमताज की याद आज भी बरकरार है। मुमताज की फिल्मों में गीत भी एक से बढ़कर एक रहे। उनके जन्मदिन पर हम राजेश खन्ना के साथ उनकी फिल्म 'प्रेम कहानी' का एक बहुत शानदार गीत आपके समक्ष रख रहे हैं।
किशोर: सुनो सुनाएं एक कहानी
जब आती है रुत पे जवानी
तब बनती है प्रेम कहानी...
गुजरे जमाने के दो सुपर स्टार राजेश खन्ना और मुमताज ने रुपहले पर्दे पर रोमांस के जरिए कई दिलों को धड़कन दी है। 'प्रेम कहानी' भी बॉलीवुड में उनके बेहतरीन सफर की एक सुपरहिट फिल्म रही। 1975 में रिलीज इस फिल्म के टाइटल से ही आपको पता चल जाएगा कि यह इश्क पर आधारित होगी। इसका गीत...'प्रेम कहानी में एक लड़का होता है...एक लड़की होती है' उस दौर में बहुत हिट हुआ था। गीत में बोलों की लयबद्धता, राजेश खन्ना और मुमताज के प्रेम भाव मुझे इसका मुरीद बनाते हैं। मैं इस गीत को अब तक करीब 500 बार सुन चुका हूं। आनंद बक्षी के इस गीत को लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने लयबद्ध किया है। किशोर कुमार और लता मंगेशकर ने इसे सुरों में पिरोया है।
गीत की शुरुआत ही राजेश खन्ना के रोमांटिक बोल और मुमताज के पैरों की थिरकन से होती है...
प्रेम कहानी में
एक लड़का होता है
एक लड़की होती है
कभी दोनो हँसते हैं, कभी दोनों रोते हैं...
गीत की शुरुआत ही राजेश खन्ना के रोमांटिक बोल और मुमताज के पैरों की थिरकन से होती है। दोनों की ऐसी हसीन जुगलबंदी बताती है कि दो लोगों का विभिन्न माध्यमों के जरिए एकाकार होना ही एक तरह से इश्क का मुकम्मल होना है। अगर ऐसा मिलन नहीं हो रहा है तो समझिए इश्क महज एक कोरी कवायद है। गीत में मुमताज का पैरों से लेकर सिर तक एक लय में राजेश खन्ना के भावों के साथ लयबद्ध होना लाजवाब है। यह एकलयता आपको गीत सुनने और उसे गौर से महसूस करने के बाद ही मिलेगी।
गीत में एक रंग के लिबास में दोनों मोहब्बत के नायाब जोड़े प्रतीत हो रहे हैं...
लता: प्रेम कहानी में
एक लड़का होता है
एक लड़की होती है
कभी दोनो हँसते हैं, कभी दोनो रोते हैं...
अपने फिल्मी सफर में राजेश खन्ना और मुमताज लगभग हर गीत में एक दूसरे के पूरक लगे हैं। लेकिन इस गीत में तो एक रंग के लिबास में दोनों मोहब्बत के नायाब जोड़े प्रतीत हो रहे हैं। गुलाबी शर्ट में राजेश खन्ना और गुलाबी साड़ी में मुमताज ने दिलकश अदा बिखेरी है। गीत के दौरान आसमान में उड़ते पंछियों को देखने के बाद मुमताज जब राजेश खन्ना की ओर देखती है...तब ऐसा लगता है कि दोनों मन-वचन-भाव से एक दूजे के लिए बने हैं। मोहब्बत में डूबी अंखियां ही दोनों की इस एकरूपता को महसूस कर पाएंगी।
मतलब एक दूसरे का सच्चा सहारा बन गए हैं...
किशोर: प्रेम कहानी में
एक लड़का होता है
एक लड़की होती है
कभी दोनो हँसते हैं, कभी दोनो रोते हैं
गीत कह रहा है कि प्रेम कहानी में एक लड़का होता है और एक लड़की होती है। यह सामान्य सी बात है। लेकिन गीत का जो अहम पहलू है वह यह है कि इसमें कहा जा रहा है कि ये लड़का-लड़की हैं पर ये दोनों साथ हंसते हैं और साथ रोते हैं। मतलब एक दूसरे का सच्चा सहारा बन गए हैं। दुनिया में हर कोई सहारा ढूंढ़ रहा है। जीवन की राह में जब आहों और सांसों का सहारा मिल जाए तो समझना 'प्रेम कहानी' शुरू और 'दुनिया की कहानी' खतम।
एक छोटी सी चिंगारी ही होती है जिसमें सारी दुनिया जल जाती है...
किशोर: इतनी सी छोटी सी होती है एक चिंगारी - २
जल जाती है, फुंक जाती है, जिस में दुनिया सारी
चाँदनी रातों में
लता: रातों में
किशोर: एक दीपक होता है
लता: होता है
किशोर: एक बाती होती है
कभी दोनो जलते हैं, कभी दोनो बुझते हैं
लता: प्रेम कहानी में
एक लड़का होता है
किशोर: एक लड़की होती है
दोनो: कभी दोनो हँसते हैं, कभी दोनो रोते हैं
गीत में एक बोल में राजेश खन्ना कहते हैं कि इश्क में दो लोगों के बीच का करार एक तरह से एक छोटी सी चिंगारी ही होती है, जिसमें सारी दुनिया जल जाती है। फुंक जाती है। राजेश आगे कहते हैं कि चांदनी रातों में...तो मुमताज भी धीरे से कहती है रातों में...फिर राजेश कहते हैं एक दीपक होता है...तो मुमताज कहती है होता है...बाद में राजेश कहते हैं...एक बाती होती है...कभी दोनों जलते हैं...कभी दोनों बुझते हैं। शब्द और भावों का ऐसा मिलन बहुत कम गीतों में मिलता है।
एक बादल होता है...एक बिजली होती है। कभी दोनों बरसते हैं...कभी दोनों तरसते हैं...
लता: झूमके परबत पे रिमझिम जब आता है सावन
सावन में प्रेमी पागल हो जाते हैं साजन
इन बरसातों में
किशोर: hmmm
लता: एक बादल होता है
किशोर: hmmm
लता: एक बिजली होती है
कभी दोनो तरसते हैं, कभी दोनो बरसते हैं
किशोर: प्रेम कहानी में
एक लड़का होता है
लता: एक लड़की होती है
दोनो: कभी दोनो हँसते हैं, कभी दोनो रोते हैं
अगले अंतरे में मुमताज कहती हैं सावन माह में प्रेमी पागल हो जाते हैं। इस दौरान एक बादल होता है...एक बिजली होती है। कभी दोनों बरसते हैं...कभी दोनों तरसते हैं। कुल मिलाकर यह पूरा गीत इश्क के सुनहरे साथ, दुख-सुख और आपस की मानसिक शक्ति-सहारे का मधुर वर्णन करता है।
ये जीवन भी खेल तमाशा है एक नाटक जैसा...
अंतिम अंतरा तो और मनभावन है। जिसमें जुदाई को मिलन के साथ ही महसूस किया जा रहा है।
किशोर: साथ मिलन के नाम जुदाई का लिखा है ऐसा
लता: ये जीवन भी खेल तमाशा है एक नाटक जैसा
जैसे नाटक में
किशोर: हो राजा होता है
लता: hmmm रानी होती है
दोनो: कभी दोनो मिलते हैं, कभी दोनो बिछड़ते हैं
लता: प्रेम कहानी में
एक लड़का होता है
किशोर: एक लड़की होती है
दोनो: कभी दोनो हँसते हैं, कभी दोनो रोते हैं
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