माँ-पापा…
आप बहुत याद आते है,
काश! वक्त को थोड़ा पीछे ले जा पाता,
आपकी गोद में सिर रखकर
फिर से बच्चा बन पाता।
आज भी दिल आपको ही पुकारता है,
हर खुशी में आपका चेहरा नज़र आता है।
आप पास नहीं हैं, फिर भी दिल के सबसे करीब हैं,
मेरी हर दुआ में माँ-पापा, बस आप ही आप हैं।
काश! एक बार फिर आपकी आवाज़ सुन पाता…
माँ-पापा, आप बहुत याद आते हैं...!!!
-संजय श्रीवास्तव
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X