एक थे मोहन गांधी ,
लाए थे जो देश में क्रांति।
चलते थे वह लाठी पकड़े ,
चश्मा पहने घड़ी भी लटके ।
अहिंसा का वह पाठ पढ़ाते ,
सत्य की राह पर चलना सिखाते ।
अंग्रेजों को मार भगाया ,
भारत को आजाद कराया ।
करते हैं हम आज उनको नमन ,
चढ़ाते हैं उनको श्रद्धा के प्रेम सुमन।
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