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मुस्कुराने की आदत सी क्यूं हो गई

                
                                                         
                            होंठ खामोश हैं आंखे रहतीं हैं
                                                                 
                            
मुस्कुराने की आदत सी क्यूं हों गईं
कुछ ख्यालों में गुम यूं ही रहतें हैं हम
गुनगुनानें की आदत सी क्यूं हो गई
होंठ खामोश हैं, आंखें रहतीं हैं नम
मुस्कुराने की आदत सी क्यूं नहीं हो गई....
एक संदेशा देकर के दिलबर गया
एक संदेशा...…........
गम लेकर के मेरा वो मुझे खुशी दे गया
पंछियों की तरह अब फड़कते हैं पर
उड़ के जाने की आदत सी क्यूं हो गई
होंठ खामोश हैं आंखें रहतीं हैं नम
मुस्कुराने की आदत सी क्यूं हो गई
जिंदगी के सफर में हमसफ़र जो मिला
पाकर के उसको मैं धन्य हो गया
साथ चलना तो चाहा जिंदगी भर मगर
डगमगाने की आदत सी क्यूं हो गई
होंठ खामोश हैं आंखें रहतीं हैं नम
मुस्कुराने की आदत सी क्यूं हो गई
ख्वाब अपने सभी वो मुझे दे गया
मेरे खातिर वो अपने खुदा से भी लड़ गया
पता देकर अंकुश वो लापता हो गया
फिर उसको पाने की चाहत सी क्यूं हो गई
होंठ खामोश हैं आंखें रहतीं हैं नम
मुस्कुराने की आदत सी क्यूं हो गई.....

 - अंकुश कुमार पाल
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48 minutes ago

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