हम दूसरों की गलतियाँ ढूंढ़ते हैं-
दूसरों की गलतियाँ ढूंढ़ते ढूंढ़ते
हमारे दिन बीत जाते हैं।
पता है,
हम क्या खोते हैं?
वह है समय,
जो लौटकर नहीं आता।
दूसरों के बारे में न सोचकर,
खुद की गलतियाँ देखो।
तब समय तुम्हारें साथ रहेगा,
कहीं खो नहीं जाएगा।
खुद की गलतियाँ देखोगे
तो खुद को सही समय पर
सुधार सकोगे
और समय को जीत लोगे।
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