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तोड़ देना चाहे,पर कोई वादा तो कर

                
                                                         
                            तोड़ देना वादा,पर कोई वादा तो कर
                                                                 
                            
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तोड़ देना वादा,पर कोई वादा तो कर।
मेरा महबूब है,तो कोई इशारा तो कर।।

आ तो सही,भले ही आकर चले जाना।
रोकूं नही मै,प्यास बुझाकर चले जाना।।

इंतजार कर रही हूं,इतना इंतजार तो न करा।
तड़प रही हूं ,इस तड़पन को और तो न बढ़ा।।

मेरे करीब आकर,अब कही दूर तो न जा।
मेरे पास आकर, दूसरी के पास तो न जा।।

इन दूरियों को,अब और तो तू न बढ़ा।
भले प्यार न कर,सूली पर तो न चढ़ा।।

जो वादा किया है,उस पर कुछ ठहर तो जा।
भले पूरा न कर,आकर मेरे पास मुकर तो जा।।

रस्तोगी ने जो लिखा,उसे आगे तो न बढ़ा।
बाते बहुत बढ़ चुकी,उसे और तो न बढ़ा।।

आर के रस्तोगी गुरुग्राम
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3 वर्ष पहले

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