ईमानदारी मत छोड़ना
यदि तुम्हारी ईमानदारी के बाद भी
तुम्हें बार-बार धोखे मिलते हैं,
तो यह मत समझना कि
तुम्हारी अच्छाई हार गई है।
शायद तुम्हें सफलता के लिए नहीं,
महानता के लिए तैयार किया जा रहा है।
हर धोखा तुम्हें
लोगों को पहचानना सिखा रहा है,
हर ठोकर तुम्हें
पहले से मजबूत बना रही है।
इसलिए परिस्थितियाँ चाहे जैसी हों,
लोग चाहे तुम्हारे साथ
कितना भी छल करें,
अपनी ईमानदारी मत छोड़ना।
क्योंकि सफलता तो
किसी न किसी मोड़ पर मिल ही जाती है,
लेकिन महान बनने के लिए
चरित्र को हर मोड़ पर बचाना पड़ता है।
तुम्हारी सच्चाई ही
तुम्हारी सबसे बड़ी जीत है।
— रजनी
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