हुनर किसी की जागीर नही,
जिस पर किसी का हो अधिकार
तुम किसी को शिद्दत से चाहो ,
किसी के लिए खुद को मिटा दो
फिर देखो चमत्कार
मैं किसी को क्यों देखूं , मै अपनी राह चला
मेरा किसी से कुछ नही है मुकाबला
किसी को क्या बताऊं मैं अपने दिल की बात
मेरे लिए एक एक पल कीमती है,
बहुत बड़ी चीज है , मेरे लिए एक दिन, एक रात
हर लम्हा तू खुद को ले बदल
दुनिया बहुत बड़ी है, तू अपने कूचे से निकल
धरती क्या , आसमान क्या, तेरे सामने तेरा खुदा है
चाहने वालों के लिए ये सारा जहां है
तेरा किया तुझको मिलेगा, तू करता जा अपना काम
सुबह जो किया भूल जा, कुछ नया कर इस शाम
तेरे लिए एक एक पल मायने रखता है
तेरा वजूद तुझसे कुछ मांगता है, कुछ चाहता है
हर पल कुछ नया कर, इसी को कहते हैं जीना
तू भूल जा दिन ,हफ्ता ,साल महीना
तू याद रख तुझको सूरज बन कर चमकना है
किसी फूल सा तुझको खिलना है ,
किसी फूल सा तुझको महकना है
-रविन्द्र अमन
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