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सदा से चाहत है

                
                                                         
                            साँसों में बस गई मोहब्बत है
                                                                 
                            
इश्क़ इंसान की ज़रूरत है

कह न पाया कभी जुबाँ से मैं
पर मुझे तुमसे ही मोहब्बत है

इस कहानी का इक सिरा तू है
हाथ में तेरे मेरी इज़्ज़त है

पढ़ ले तू नज़रों की ज़ुबाँ मेरी
बसती इनमें तेरी ही सूरत है

माँगा है तुझको ही ख़ुदा से सदा
सच में मुझ पर ख़ुदा की रहमत है

मौत आए तेरी ही बाहों मे
बस यही इक सदा से चाहत है
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10 hours ago

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