नहीं है प्यार तू पहला, ये इक सच जान ले तू
मोहब्बत है तू दिल की पहली, अब तो मान ले तू
तेरी थी तेरी हूँ जन्मों से, अंतर्मन में तू झाँक
है सच्चा प्यार, खाती हूँ क़सम, पहचान ले तू
बिछड़ कर हम मिले हैं, फिर सफ़र में इस तरह से
अधूरे प्यार का दिल में, मेरे स्थान ले तू
नहीं मुमकिन मिलन अपना, ये भी मालूम मुझको
छू कर एहसासों से मुझको, यूँ इत्मीनान ले तू
तू मन का चैन, बेचैनी भी तू दिल की है मेरी
नहीं विश्वास तो, ख़ुद दिल का भी रूझान ले तू
नहीं तुमसे जुदा हो कर के 'पारुल' जी सकेगी
अना को छोड़ कर, इक बार मेरा ध्यान ले तू
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