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जब निकली म्यान से तलवारें

                
                                                         
                            जब निकली थीं म्यान से तलवारें,
                                                                 
                            
पहले खनकती थीं अपनी दीवारें।
अपनों ने ही अपनों का खूं बहाया,
बयाँ करें कहानी रक्त रंजित दीवारें।

चंद्र दत्त शर्मा।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
10 घंटे पहले

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