ऊँची, नीली गर्दन
सिर पर है कलगी,
रंग-बिरंगे, लम्बे
सुंदरता है इसके पंख।
आए कुछ मुसाफिर
भ्रमण के लिए वन,
मीठी-मनमोहक खुशबू
पंख खोल लगा इतराने।
लालची ये मुसाफिर
मारकर ले गए उसके पंख,
झूम रहा था खुशियों में
बिना गलती के मिट गई हस्ती।
यही सच्चाई दुनिया की भी
लालच, ईर्ष्या, जलन,
न जाने ले गए
कितनों को संग ।
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