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सब समय का खेल !

                
                                                         
                            कभी खुशी तो कभी गम
                                                                 
                            
कभी आशा तो कभी निराशा
कभी सुख तो कभी दुःख
सब समय का खेल।

कभी दिन कभी रात
कभी सर्द तो कभी गर्म
कभी वर्षा तो कभी सूखा
सब समय का खेल है।

कभी तेज़ तो कभी धीरे
कभी जल्दी तो कभी देर
कभी जन्म तो कभी मृत्यु
सब समय का खेल
सब समय का खेल।

-विभूति नारायण पाठक
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4 घंटे पहले

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