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ज़माना निर्मोही

                
                                                         
                            ज़िन्दगी ही दुश्वार ना कर दे कभी कहीं ये ज़माना निर्मोही तिरी
                                                                 
                            
मुसीबत खड़ी ना करदे कहीं साफ़ दिली और सादा-लौही तिरी!
मनफ़ी लोगों से तनिक फ़ासला सदा बनाकर रखना ही आच्छा
आबरू पर न उठा सके सवाल कोई सिरफिरे ऐसे विद्रोही तिरी!
-एन आर कस्वाँ
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7 घंटे पहले

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