मेरी आंखों में भी तुम हो
मेरे ख्वाबों में भी तुम हो
भूला तुझको मैं कैसे दूं
मेरी सांसों में भी तुम हो
मेरे जहनो दिल पर इस कदर छाई हुई हो तुम
लिखूं जो भी गजल उसके अल्फ़ाज़ में तुम हो!!
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