तुमको है अपनी बात सुनानी , पर कहां जाओगे ,
बातें वो भी पुरानी, ले के कहां जाओगे ।।
अपने साथ , खुश रहो दोस्त ,
दुनिया है सयानी , तुम कहां जाओगे ।।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X