तुम्हें नहीं मालूम कितनी कातिल होती है, आरज़ू भरी झुकी हुई तेरी निगाहों,
मर जाता हूं मैं तुम पर मुहब्बत भरी मुस्कान, जिंदगी के लिए,
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