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मुहब्बत का नशा

                
                                                         
                            तेरी मुहब्बत का नशा हमेशा मैं अपने दिल में रखता हूं,
                                                                 
                            
सारी दुनिया से अलग मैं अपनी अदा रखता हूं,
तुम्हें दिल से अपना मानता हूं, इसीलिए तेरे लिए सदा दुआ करता हूं,
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
4 घंटे पहले

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