लिख दूँगा तन्हाई में सारा सागर नाम तुम्हारे
पेग बनाकर लिख दूँगा होंठो पर पैगाम तुम्हारे .
मदिरालय के मन्दिर में प्रतिमा बस तेरी ही होगी
मंत्रों संग आचमन करेंगे होंठों पर पैगाम तुम्हारे .
-दिनेश चौहान
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