आज कल एक लड़की उड़ने को आसमान ढूंढ़ रही है।
दूसरो की नजरो में, अपने लिऐ सम्मान ढूंढ़ रही है।।
वक्त का है जोर बड़ा ही निराला ।
अपने लिए सपनो का एक मुकाम ढूंढ़ रही है।।
पर उसे क्या पता रास्ते में आयेंगे कई मोड ।
टूटेगा विश्वास, झूठे लगेगे लोग ।।
टूटेगा विश्वास, झूठे लगेगे लोग ।
छायेगी निराशा, मन में रहेगा बस शोर ।।
पर उम्मीद का दामन मत छोड़ना तुम।
चिड़ियाँ बनकर पंखों को खोलना तुम ।।
राह कितनी भी कठिन हो, बस उड़ते जाना तुम।
हर कठिनाई से लड़कर, अपनी मंजिल पाना तुम ।।
कभी भी ये मत भूल जाना तुम ।
कहाँ से उड़कर आयी हो तुम ।।
सपनो की मंजिल पर पहुंचकर ।
अपनो को कही भूल ना जाना तुम ।।
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