किसी की एक दृष्टि
किसी की ख़ामोशी में
अनकहा स्पंदन जगा देती है...
किसी के करीब आते ही
दूरियाँ ख़ुद-ब-ख़ुद मिटने लगती हैं।
कुछ आकर्षण
तर्कों से परे होते हैं—
जिन्हें दिल चुनता नहीं,
बस पहचान लेता है।
कभी-कभी किसी का प्रेम भी
कुछ ऐसा ही होता है...
जिससे दूर होना,
ख़ुद से दूर होने जैसा लगता है।
- देव कुमार पटेल
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