आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

ध्यान मैया के चरणों में लगा लो

                
                                                         
                            बोलो सच्चा दरबार,मैय्या की ज्योत जला लो 
                                                                 
                            
गा गाके भजनों से प्रीत लगा लो 
करो सहाई मां,भक्तों की रूप-जलवा दिखा दो 
जिंदगी बदल दो मैया, बेड़ा पार ही लगा दो ।
तेरा ही उपकार मैया,तेरा ही दरबार है 
ज्योति जले, तेरी हरदम मैय्या,
तुम पर ही एतबार है ।
सारे भक्त बने दीवाने मैया,तू ही सर्वासार है ।
तेरे रूप हैं न्यारे-2 मैया,रोग-शोक को भगा दो
बाधाओं का करो निवारण मैया,
हर बुराई को भगा दो ।
अजीमुद्दीन,को भक्ति का मैय्या, मार्ग तुम दिखा दो ।

अजीमुददीन सैफी
ग्राम पोस्ट इस्माईलपुर
जिला बुलंदशहर उ०प्र०
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर