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सह लो यह संघर्ष ,यह कष्ट कुछ और दिन

                
                                                         
                            हे मेरे उदास मन! मेरे कुछ सुझाव, कुछ यत्न सुन
                                                                 
                            
सह ले यह संघर्ष ,कुछ और समय, कुछ और दिन
सह लो कुछ और कष्ट,
बिता लो कुछ और कष्टभरी रातें, तारे गिन-गिन
जल्दी ही बीत जायेंगे बुरे दिन,अच्छे दिनों का होगा आगमन
सह लो यह संघर्ष ,यह कष्ट कुछ और दिन

काली, डरावनी, शीत निशा पश्चात,अवश्य आएंगे अच्छे दिन
धैर्य और विनम्रता बना देती है बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आसान
जिस प्रकार विनम्रता से कठोर चट्टानों को
भी देता है तराश, बहता हुआ जल,
उसी प्रकार हर बाधा को पार कर लेता है
निरंतर प्रयास-रत शांत मन
सह लो यह संघर्ष ,यह कष्ट कुछ और दिन

बस इतना करना जब जीवन कष्टमय हो, तब धैर्य खोना मत
आत्महीनता आत्मग्लानि करना मत, किसी को दोष देना मत
कुछ भी स्थायी नहीं है जीवन में, ना दुख ना सुख, ना समय
जल्दी ही बदल जाता है सब कुछ
यह है परीक्षा-भरा समय एक ही उद्देश्य होना चाहिए जीवन का
बस इस परीक्षा में नहीं होना है विफल
सह लो यह संघर्ष ,यह कष्ट कुछ और दिन

ये है परीक्षा की घड़ी, इसलिये लगा दी है कष्टों -दुखों ने भी झड़ी
बस ये सोचना कुछ दिन की तो है बात
इस घनी अंधेरी सुरंग से आगे है मनोरम प्रकाश
जो इन कष्टों में बनेगें औधधि, बनकर रामबाण
अब अर्जन करने है अपने लेखे में,
कुछ अच्छे जनहित के कर्म, स्वार्थबिन
सह लो यह संघर्ष ,यह कष्ट कुछ और दिन
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2 घंटे पहले

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