रुकेंगे नहीं कदम मेरे
झुकेंगे नहीं कदम मेरे
चलता रहूंगा मैं निरंतर
टहलता रहूंगा मैं निरंतर
चाहे लाख तूफां आए
चाहे गर्मी बर्षा आए
चाहे लाख समस्याएं
आए
आए
तो आए
मुझे जाना है
मुझे जंग जीत कर आना है।
- सहज कुमार
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