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कहीं पानी बिना सूनी जिंदगानी

                
                                                         
                            कहीं पानी बिना सूनी जिंदगानी
                                                                 
                            
कहीं पानी से डूबी राजधानी
कहीं प्राण बचाने के लिए नहीं पानी
कहीं बाढ़ का पानी है
धरा पर बहुत पानी है
पर कम पीने का पानी
खारा समंदर का है पानी
है किसी के चेहरे पर पानी
चाहिए सबको सदा पानी
बचाओ पानी
बचेगी जिंदगानी।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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एक घंटा पहले

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