मोहब्बत है तो मोहब्बत का-- असर क्यों नहीं आता,
सुना है नज़र में हूं -- फिर नज़र क्यों नहीं आता,
बड़ा अजीब इत्तेफाक है इस दिल्लगी का----
अरे,, जब दिल पत्थर से लगा-- तो टूटकर बिखर क्यों नहीं जाता।।
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