कुछ बात अचानक मत बोलो
कुछ समय तराजू में तौलो
जब बात लगे अति सुंदर हैं
तब बोलो जो मन के अंदर हैं।
वे गाल बजाने से क्या फायदा
जिस में न शब्दों का कायदा
सब लोग हसेंगे दे ताली
वे मतलब की तेरी कब्बाली
~कुमार अखिलेश प्रकाश
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