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अल्लाह की बारगाह में

                
                                                         
                            पयामे-मुहब्बत हमें भी ज़रा दे
                                                                 
                            
हिदायत की रस्सी हमें भी थमा दे

तेरे या इलाही ख़ज़ाने भरे हैं
जो फैलाऊँ झोली ख़ज़ाने लुटा दे

फ़क़त लअनते भेजता है वो बन्दा
करिश्मा कर ऐसा कि बस वो दुआ दे

ये दिल रुक गया है धड़कते धड़कते
मुसलसल धड़कना इसे तू सिखा दे

न मांगे गा हमज़ह भी फ़िरदोस कोई
उसे बस तू अपनी तजल्ली दिखा दे
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9 महीने पहले

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