मुझे तो लगता था कि निराशा ही एक ख़्वाहिश का नाम है,
जिसकी हर एक डाल इस दिल को खूबसूरत लगती है।
पर हकीकत में भला वह इच्छा ही क्या,
जो इंसान को रात भर चैन से सोने न दे।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X